स्वाभिमान
हंसा मुझ पे जमाना
तो क्या हुआ
ना पाक तुम भी तो नही
गिर गई मुझ पे बिजलिया
तो क्या हुआ
खुशगवार तुम भी तो नही
करोगे अगर बेइज्जत सरेबाजार
ये कह कर
की क्या हुआ एक लड़की ही तो थी
याद रख तेरे घर पे जो पल रही
ओ भी कोई मनोरंजन की चीज नही!!
Comments
Post a Comment